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  • Ali Haider

मुजफ्फरपुर का कौन होगा महापौर? फैसला 27 को, पार्षदों की गोलबंदी शुरू, जान‍ि‍ए पूरा समीकरण


मुजफ्फरपुर छह माह के लिए शहर का महापौर कौन होगा इसका निर्णय 27 नवंबर को होगा। पर्व-त्योहार समाप्त होने के बाद जहां निगम के अधिकारी कुर्सी की लड़ाई की तैयारी में लग गए हैं वहीं कुर्सी के दावेदार पार्षदों की गोलबंदी में लगे हैैं। कुर्सी की लड़ाई निर्वाचन आयोग द्वारा तय तिथि को पूरी हो जाए इसके लिए निगम के अधिकारी लग गए हैं। उनके सामने 19 नवंबर तक 27 नवंबर को होने वाली चुनावी बैठक की सूचना पार्षदों तक पहुंचाने की चुनौती है। इसलिए सारा काम छोड़ अब वे बैठक की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं कुर्सी के दावेदारों ने भी अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है।नंद कुमार प्रसाद साह व राकेश कुमार के बीच होगा सीधा मुकाबला

महापौर की कुर्सी पर कब्जा के लिए वार्ड 46 के पार्षद नंद कुमार प्रसाद साह एवं वार्ड तीन के पार्षद राकेश कुमार के बीच सीधा मुकाबला होने वाला है। तीसरे उम्मीदवार की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तिथि घोषित करने के बाद से राकेश कुमार व उनके खेमे के सिपहसालार सक्रिय हो गए हैं। वे खुलकर पार्षदों को अपने पक्ष में करने का अभियान चला रहे हैं। छठ पूजा पर विभिन्न घाटों पर उनकी उपस्थिति एवं संबंधित पार्षदों से मुलाकात कर उनका हालचाल लेना इसका प्रमाण है। वहीं नंद कुमार प्रसाद साह अपना अभियान गुपचुप चला रहे हैं। उनकी टीम के सिपहसालार भी अपने खेमे की ताकत बढ़ाने में लगे हैं। दोनों उम्मीदवार एक दूसरे के खेमे में सेंध लगाने को सभी जतन कर रहे हैं।

महापौर की कुर्सी के साथ होगा किंग मेकर का निर्णय

मुजफ्फरपुर। शहर में एक ओर जहां महापौर की कुर्सी पर कौन बैठेगा इसकी लड़ाई चल रही है वहीं दूसरी ओर नगर निगम की राजनीति का किंग मेकर कौन बनेगा इसका भी निर्णय होना है। वर्तमान बोर्ड के गठन के समय महापौर चुनाव के दौरान पूर्व महापौर समीर कुमार ने किंग मेकर की भूमिका निभाई थी। दो साल पूर्व उनकी हत्या के बाद से निगम के किंग मेकर की कुर्सी खाली है। नगर निगम शहर की राजनीति का मुख्य केंद्र है। ऐसे में शहर की राजनीति के बड़े खिलाड़ी भी इस चुनाव में संलिप्त हैं। बीते वर्ष फिर से नगर विधायक बनने वाले विजेंद्र चौधरी एक बार फिर किंग मेकर की कुर्सी हासिल करना चाहते हंै। पूर्व के तीन बोर्ड में वह इस कुर्सी पर काबिज थे, लेकिन वर्तमान बोर्ड में उनकी जगह पूर्व महापौर समीर कुमार ने ले ली थी। इस कुर्सी को हासिल करने के लिए एक ओर जहां नगर विधायक विजेंद्र चौधरी राकेश कुमार को खुला समर्थन दे रहे हैं वहीं उपमहापौर मानमर्दन शुक्ला भी इस दौड़ में शामिल हंै। वह भी राकेश कुमार के साथ हैं। दूसरी ओर नंद कुमार प्रसाद साह के पीछे पूर्व मंत्री सुरेश कुमार कुमार शर्मा खड़े हैं। हालांकि वे खुलकर सामने नहीं आ रहे, लेकिन पर्दे के पीछे से अपनी चाल चल रहे हैं।



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