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मुजफ्फरपुर सुधा डेयरी प्लांट के गंदे पानी से दर्जनों एकड़ लिची बगान सूखे, ऐक्शन में जिला प्रशासन


मुजफ्फरपुर सुधा डेयरी प्लांट का विषाक्त पानी आसपास के किसानों की दर्जनों एकड़ जमीन में फैल रहा है, जिससे सैकड़ों फलदार वृक्ष सूख गए हैं। वर्षों से जमा पानी का बदबु इलाके में न सिर्फ बीमारी फैला रहा है, बल्कि पार्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मसले को गंभीर करार देते हुए कार्रवाई की बात कही है।


दरअसल, मुजफ्फरपुर का सुधा दूध फैक्ट्री चिराग तले अंधेरा की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। यह फैक्ट्री दूरदराज के लोगों को दूध पिलाने और मिठाई खिलाने में लगा है तो फैक्ट्री से निकला केमिकल मिला करोड़ों गैलन पानी आसपास के किसानों के लिए नासूर बना है। इसमें लगाए गए सैकड़ों लीची और आम के पेड़ सूख गए हैं। पानी का फैलाव लीची के नए बागों की ओर भी शुरू हो गया है और हरे भरे पेड़ों पर खतरा मंडराने लगा है। वर्षों से जमा विषाक्त पानी इतना सड़ गया है कि यहां रहने वाले लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्यावरण पर मंडरा रहे इस खतरे के प्रति सुधा डेयरी कि भूमिका सुस्त है। वहीं, गर्मी का मौसम आने वाला भी ही पानी से उठ रहे सरांध और बदबु से परेशान लोगों नें जिला प्रशासन को डेयरी के खिलाफ शिकायत भी की है। प्रशासन ने इसे गंभीर मामला करार देते हुए उचित कार्रवाई की बात कही है। पूरे मामले को लेकर सुधा डेयरी के पदाधिकारी इस गंभीर खतरे पर मुंह खोलने को तैयार नही हैं।


अब लोगों को प्रशासन का ही आसरा है कि जहरीले पानी के प्रकोप से उन्हें कब तक निजात मिलती है। पूरे मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी पश्चिमी ब्रजेश कुमार ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्यान विभाग के साथ ही स्थानीय अंचलाधिकारी को जांच कर जल्द से जल्द जल जमाव से निजात दिलाने कि बात कही है।

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