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जनता ने बिहार सरकार को किया मालामाल दो साल में सरकार ने कमाए पांच हजार करोड़ वाहन रजिस्ट्रेशन मे टॉप


बिहार पटना मुजफ्फरपुर / के लोगों ने पिछले दो साल में वाहन खरिदने का रिकॉर्ड बनाया है साथ ही बिहार सरकार को लगभग 5 हजार करोड़ कमाई करा कर खजाना भर दिया है ये हम नहीं खुद बिहार सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी हे

लेकिन इसमे पब्लिक को खुश होने वाली बात नहीं है क्योंकि बिहार के लोगों ने ज्यादातर वाहन रोजगार और जरूरत पूरा करने के लिये खरीदा यानी कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन के मामले में बिहार 1 साल में देश भर में टॉप पर रहा है। जबकी प्राईवेट या व्यक्तिगत वाहनों के रजिस्ट्रेशन के मामले में देश में

8वें स्थान पर रहा है।

बिहार में वायरस संक्रमण काल के बावजूद गाड़ी खरीदने वाले कम नहीं हुए हैं। बिहार सरकार के उप मुख्‍यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने शुक्रवार को विधानसभा में बिहार आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इसके अनुसार राज्य में सबसे अधिक दोपहिया गाड़ी यानी बाइक व स्कूटी आदि की खरीद हुई है। इसके बाद आटो या टेंपो दूसरे और कार तीसरे स्थान पर है। वर्ष 2019-20 में राज्य में कुल 13.50 लाख वाहन निबंधित हुए। इसमें 11.29 लाख दोपहिया, 79 हजार आटो और 62 हजार कार है। इस साल लाइसेंस बनाने वालों की संख्या भी दोगुनी से अधिक हुई।

वर्ष 2018-19 में 3.80 लाख लोगों ने लाइसेंस बनाया था, जबकि वर्ष 2019-20 में 8.72 लाख लोगों ने लाइसेंस बनाए। राजस्व संग्रहण पांच सालों में दोगुने से अधिक हो गया है। वर्ष 2015-16 में 1071 करोड़ था जो 2019-20 में बढ़कर 2713 करोड़ हो गया है। हालांकि कोरोना के कारण वर्ष 2020-21 में यह प्रभावित रहा और घटकर 2,268 करोड़ पर आ गया।

वाहनों के निबंधन में बिहार देश में अव्वल

बस, ट्रक, आटो, टैक्सी जैसे परिवहन यानी सार्वजनिक वाहनों के निबंधन के मामले में बिहार देश में सबसे अव्वल रहा। वर्ष 2020 में बिहार में सर्वाधिक एक लाख 23 हजार परिवहन वाहनों का निबंधन हुआ। इसमें एक हजार बसें, 18 हजार ट्रकें, 51 हजार तिपहिया वाहन, तीन हजार टैक्सी या कैब और करीब 50 हजार अन्य वाहन रहे। वहीं एक लाख 22 हजार निबंधित परिवहन वाहनों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे और एक लाख 19 हजार वाहनों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा।

अगर कमर्शियल परिवहन व प्राईवेट गैर परिवहन दोनों वाहनों को मिला दें तो बिहार का स्थान देश में आठवां है। 2020 में बिहार 10.35 लाख वाहनों का निबंधन हुआ। इस मामले में उत्तर प्रदेश 26.29 लाख वाहनों के साथ पहले, महाराष्ट्र 17.76 लाख वाहनों के साथ दूसरे और तमिलनाडु 14.92 लाख वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर है।


स्वीट सिटी न्यूज रिपोर्ट

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