top of page
ei1WQ9V34771.jpg
  • Ali Haider

घरेलू विवाद में बहू ने चिकन में डाला जहर ससुर-सास को जहरीला चिकन खिला खुद भी खाया, बहू की मौत


मुजफ्फरपुर के देवरिया थाने के डुमरी परमानंदपुर गांव में शनिवार रात घरेलू विवाद में एक महिला ने खाने (चिकन) में जहर मिला दिया। जहर मिला खाना अपने ससुर, सास व देवर के पुत्र को खिलाकर खुद भी खा लिया। खाने के साथ ही सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि बुजुर्ग दंपती व उसके पोते की हालत खतरे से बाहर बतायी गई है। मृतका की पहचान रानी देवी (40) के रूप में हुई है। जहर खाने से कपिलदेव राम, उर्मिला देवी व ढाई वर्ष के आयुष की तबीयत बिगड़ी थी।

बताया गया कि जहर खाने के बाद सभी छटपटाने लगे। इसके बाद पड़ोसी व ग्रामीण जुटे और दो बुजुर्ग व बच्चे को स्थानीय निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। वहीं महिला की स्थिति गंभीर देख सरपंच समसा खातून ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रानी देवी को उठाकर पारू पीएचसी में भर्ती कराया। लेकिन यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहां से पुलिस ने उसकी लाश को एसकेएमसीएम में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कपिलदेव राम ने बताया कि तीन बहू में सबसे बड़ी रानी देवी थी। सभी का परिवार अलग-अलग है। बड़ी बहू के साथ ही बुजुर्ग दंपती रहते हैं। पुत्र संजय राम तमिलनाडु में मजदूरी करता है। घरेलू बातों को लेकर संजय व रानी में विवाद था। ससुर ने बताया कि शनिवार शाम बाजार से वह चिकन लाया और बहू रानी देवी को बनाने के लिए दे दिया। रात में चिकन खाने के वक्त दूसरे बेटे का एक पुत्र भी उसके पास आ गया। उसे भी अपने साथ खाना खिला दिया। उसकी पत्नी भी खाना खाई। सबसे अंत में उसकी बहू ने खाना खाया।

खाना खाने के बाद सभी को बेचैनी होने लगी। इसके बाद खाने में कीटनाशक डालने की बात रानी ने सबको बतायी। रानी की तबीयत अधिक खराब थी। दोपहर बाद पोस्टमार्टम से शव आने के बाद महिला का दाह संस्कार कर दिया गया। थानेदार उदय कुमार सिंह ने बताया कि जहर खाने की सूचना पर पुलिस ने महिला को अस्पताल पहुंचाया था। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन की ओर से आवेदन मिलने व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा।

अपने दो पुत्रों को नहीं खिलाया था जहरीला चिकन


मृतका रानी देवी को दो पुत्र सरोज (7) व सनोज (5) है। रानी चिकन बनाने के बाद सबको खाने के लिए बोली। लेकिन जब उसके दोनों बच्चे ने चिकन मांगा तो उन्हें नहीं दिया। बच्चों ने बताया कि मां बोली की चिकन नहीं खाना है। दोनों भाई को तीन-तीन रुपये देकर बोली कि बिस्कुट खरीद कर खा लो। यह भी कहा कि दादा-दादी खाने के लिए बोले तो चिकन नहीं खाना। कपिलदेव राम ने बताया कि मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता है। बुजुर्ग दंपति के तीनों पुत्र दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं।

0 comments

Comments


bottom of page