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जल जमाव खुला नाला मामला मुज नगर निगम पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया 13.5 करोड़ जुर्माना


मुजफ्फरपुर नगर निगम आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने बुडको द्वारा की जा रही लापरवाही पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बुडको के अभियंता को बरसात से पूर्व मिठनपुरा से एसटीपी तक नाला हर हाल में पूरी तरह बना लेने का आदेश दिया है। नाला नहीं

बनने पर पानी टंकी चौक से पीएंडटी होकर मिठनपुरा व बेला औद्योगिक क्षेत्र में इस साल भी जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में नगर आयुक्त ने कहा कि इसके लिए निर्माण एजेंसी बुडको को ही जिम्मेवार माना जायेगा। हालत यह है कि एसटीपी नहीं बनने के कारण एक तरफ भीषण

जलजमाव का खतरा है तो दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) प्रदूषण के लिए हर्जाने की मांग कर रहा है। अधूरे एसटीपी पर सीपीसीबी ने 1.9 करोड़ हर्जाने का दावा किया है। इसके अलावा खुले नाले के लिए भी अलग से हर्जाना देना है। पांच खुले नाले के लिए शहर को सीपीसीबी ने 11.5 करोड़ का हर्जाना लगाया है इस तरह लगभग 13.5 करोड़ रुपये की चपत मुजफ्फरपुर नगर निगम पर लगने वाला है। मिठनपुरा चौक से नारायणपुर तक एसटीपी का मुख्य नाला 14 जगहों पर अधूरा बनाया गया है। नाले का बहाव नियमित नहीं करने पर शहरी इलाके का पानी बेला औद्योगिक क्षेत्र में जाकर फंसेगा।

बुडको दो साल में अब तक डेढ़ किमी. नाला भी पूरी तरह नहीं बन पाया है।


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