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मुजफ्फरपुर इंस्टीट्टयूट आफ टेक्नालोजी ने जूतो के स्वदेशी माप के लिए सूबे मे सैंपलिग का काम किया पूरा


मुजफ्फरपुर। देश के लोगों के लिए भारतीय माप के जूतों के निर्माण को लेकर सूबे के तीन जिलों में सैंपलिग का कार्य पूरा कर लिया गया है। सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएलआरआइ) की ओर से बिहार व झारखंड में सैंपलिग का जिम्मा मुजफ्फरपुर इंस्टीट्टयूट आफ टेक्नालोजी (एमआइटी) मुजफ्फरपुर को सौंपा गया था। यहां के लेदर टेक्नोलाजी के विभागाध्यक्ष प्रो.संजय कुमार चौधरी, प्रो.मणिकांत, डा.मिथिलेश कुमार राय और डा.आरती कुमारी के नेतृत्व में विभाग के छात्र भी इस सर्वे में भाग ले रहे हैं।प्रो.मणिकांत ने बताया कि टीम ने दरभंगा, मधुबनी व पटना मे चार से 55 वर्ष तक के 4,500 लोगों के पैरों की माप के सैंपल एकत्रित किए।

अब MIT टीम अगले सप्ताह झारखंड के दो जिलों लातेहार और सरायकेला में सर्वे के लिए जाएगी। प्राचार्य डा.सीबी महतो ने बताया कि एमआइटी सीएलआरआइ ने इस प्रोजेक्ट के लिए एमआइटी को रीजनल एक्सटेंशन सेंटर बनाया है। बिहार के तीन और झारखंड के दो समेत कुल पांच जिलों में करीब चार से 55 वर्ष तक के छह हजार लोगों के सैंपल लिए जाने हैं।

काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआइआर) और सेंट्रल लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएलआरआइ) के संयुक्त प्रयास से वर्ष 2022 तक भारतीय माप के फुटवियर साइजिग का सिस्टम विकसित करना है। सर्वे में थ्रीडी फीट स्कैनर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। इसकी मदद से 10 सेकेंड में पैरों के 30 आयामों को एकत्रित कर उसे सुरक्षित रखा जा सकता है। सर्वे के दौरान पैरों के आकार के साथ ही उम्र, लंबाई और वजन भी नोट किया जा रहा है।



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