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गोलमाल; तिलक मैदान रोड में तीन सौ फीट नाले को तोड़कर फिर से बनाया जाएगा लेकिन दोषियों पर कारवाई नही


मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तिलक मैदान रोड में बन रहे तीन सौ फीट नाला को कम गहराई होने के कारण तोड़कर फिर से बनाया जाएगा। नगर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रबंध निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने यह जानकारी दी है।

लेकिन स्थानीय निवासियों व्यापारियों को घेराव गढ्ढों के बीच निर्माण कार्य मे लगने वाले और समय से होने वाले परेशानियो एवं आर्थिक नुकसान की चिंता कौन करेगा इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है घटिया निर्माण कार्यों की अनगिनत शिकायतें टॉप लेवल पर संबंधित विभाग के मुखिया उपमुख्यमंत्री सह शहरी विकास मंत्री तारकिशोर प्रसाद को और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के पदाधिकारियों हेड एमडी सह निगम कमिश्नर रंजन मैत्रेय के कार्यालय से रहस्यमयी चुप्पी हैरान करती है ऐसा लगता है की उपड़ से सबकी सहमति से गोरखधंधा परवान चढ़ रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तिलक मैदान रोड में नाला का निर्माण हो रहा है। शनिवार को स्थानीय वार्ड पार्षद राकेश कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू ने एजेंसी द्वारा बनाए जा रहे नाले की गहराई कम होने की शिकायत महापौर ई. राकेश कुमार से की। उसके बाद महापौर स्मार्ट सिटी कंपनी के पदाधिकारियों के साथ वहां पहुंचे एवं नाले का निरीक्षण किया। पाया गया कि नाले की गहराई तय मानक के अनुसार नहीं है। इसपर उन्होंने तत्काल काम रुकवा दिया। मौके पर मौजूद एजेंसी के लोगों ने बताया कि बिजली आफिस से

मस्जिद तक नाला के नीचे जलापूर्ति पाइप लाइन आ जाने के कारण गहराई कम करनी पड़ी। इस पर महापौर ने नाराजगी जताई। जब मामला नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय तक पहुंचा तो उन्होंने कहा कि एजेंसी ने नाला के नीचे पाइप लाइन आने की जानकारी दी थी। एजेंसी से पत्र मिलने के बाद उत्पन्न समस्या का निराकरण करने की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी कंपनी के तकनीकी पदाधिकारियों को दी गई थी, लेकिन एजेंसी ने अंतिम फैसला आए बिना नाला बना दिया। एजेंसी को अब नाला तोड़कर फिर से बनाने को कहा जाएगा। वहीं महापौर ने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी, ताकि इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं इसका पता लगाया जा सके।

स्टेडियम,टाउन हॉल, कंट्रोल कमांड बिल्डिंग से लेकर पूरे शहर के नवनिर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों-नालों के औसद दर्जे के घटिया निर्माण पर स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग एक्सपर्ट्स के देखरेख में जागरूक जर्नलिस्टो ने रिपोर्टिंग की वीडियोग्राफी हुई चर्चा हुई कमियां उजागर हुई लेकिन सत्तारूड दलीये संरक्षण के दम पर अभी भी खुलेआम लूटमारी बंदरबांट जारी है किसी कॉट्रेक्टर पर कोई कारवाई नहीं हुई भ्रष्टाचार की गंगा मे डुबकी लगाकर सभी पवित्र हो जा रहे है आगे कैसे किससे कुछ उम्मीद की जाए?

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