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  • Ali Haider

मुजफ्फरपुर से उच्च क्षमता की पार्सल बोगी से लीची भेजी जाएगी गुजरात


मुजफ्फरपुर, सोनपुर रेल मंडल के रेल अधिकारियों ने पवन एक्सप्रेस में उच्च क्षमता वाली पार्सल बोगी लगाने से मना कर दिया है। इसके विकल्प में बरौनी-बांद्रा अवध एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में उच्च क्षमता वाली पार्सल बोगी लगाने की योजना बनाई गई है। इन ट्रेनों की सूची रेलवे बोर्ड को भेजकर उच्च क्षमता वाली पार्सल बोगी लगाने की अनुमति मांगी गई है। अगले सप्ताह अनुमति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद मुंबई

के अलावा सूरत, बडोदरा आदि शहरों के लिए लीची ढुलाई शुरू हो जाएगी। वहां के लोग भी मुजफ्फरपुर की लीची का स्वाद ले सकेंगे।


रेल अधिकारी का कहना है कि पवन एक्सप्रेस में चार टन की क्षमता वाली पार्सल बोगी से पिछले एक सप्ताह से लीची ढुलाई हो रही है। इस ट्रेन की क्षमता को देखते हुए उच्च क्षमता वाली पार्सल बोगी नहीं लगाई जा सकती है। यात्री बोगी को हटाया नहीं जा सकता। इसलिए व्यापारियों के आग्रह पर दूसरी ट्रेनों में 20-25 टन वाली उच्च क्षमता की पार्सल बोगी लगाई जाएगी। व्यापारियों ने 18 से 22 मई तक लीची ढुलाई का आग्रह किया है। बता दें कि पिछले साल रेल

मंत्रालय के आदेश पर लीची संघ के जुड़े बच्चा प्रसाद सिंह के आग्रह पर अलग से उच्च क्षमता की पार्सल बोगी लगाई गई थी। 21 दिनों में करीब 500 टन लीची की ढुलाई हुई, लेकिन इस बार यह मामला पहले सामने नहीं आया। अब व्यापारियों के आग्रह पर सोनपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने कवायद शुरू की है।

लीची वाहन को मिलेगी छूट, यातायात पुलिस नहीं बनेगी बाधा

मुजफ्फरपुर में लीची वाले वाहन जाम में नहीं फंसे इसके लिए यातायात पुलिस सहयोग करेगी। जिला लीची टास्क फोर्स की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उप विकास आयुक्त आशुतोष द्विवेदी ने लीची उत्पादक किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके निदान बताए। लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से लीची वाहन के लिए आदेश निकाला जाएगा। उसकी एक प्रतिलिपि चालक के पास रहेगी।


यातायात पुलिस वाहन को जाम से निकालने में सहयोग करेंगे। उसे यातायात पुलिस रोकेगी नहीं। इसके साथ लीची उत्पादक के लिए जिला उद्यान विभाग एक हेल्पलाइन जारी करेगा। इस पर किसान अपनी समस्या को रख सकेंगे, जिनका निदान किया जाएगा। यह हेल्पलाइन आठ मई से 15 जून तक काम करेगी।

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