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NEWS FLASH अस्पताल माफियाओं ने RTI एक्टिविस्ट पत्रकार का गला घोंटा फिर जलाकर मार डाला


मधुबनी के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के उरैन और पाली गांवों के बीच पुलिस ने अपहृत आरटीआई कार्यकर्ता बुद्धि नाथ झा उर्फ अविनाश झा (23) का जला हुआ शव बरामद किया। RTI एक्टिविस्ट के साथ अविनाश एक पत्रकार भी थे। उनका नौ नवंबर की रात लोहिया चौक पर उनके घर के पास से ही चार लोगों ने अपहरण कर लिया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिवार को सौंप दिया गया।


अस्पताल माफिया पर आरोप

पुलिस के मुताबिक अविनाश झा के भाई चंद्रशेखर ने जो FIR दर्ज कराई है, उसमें अवैध स्वास्थ्य क्लीनिक मालिकों पर इस कांड का आरोप लगाया गया है। इसी अस्पताल माफिया के गठजोड़ का अविनाश ने खुलासा किया था ।

अस्पताल माफिया का खुलासा कर रहे थे अविनाश

अविनाश झा ने अपने क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत क्लीनिकों, अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने वेब पोर्टल पर आरटीआई आवेदन और कथित तौर पर लेख लिखे थे। पुलिस सूत्रों ने कहा कि उन्होंने बिना लाइसेंस के चल रहे ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ मधुबनी डीएम को कई याचिकाएं भी सौंपी थीं, जिसके बाद उनमें से कई को या तो प्रशासन ने बंद कर दिया या जुर्माना लगाया।

पहले गला घोंटा, फिर जलाकर मार डाला

बेनीपट्टी के एसडीपीओ अरुण कुमार सिंह ने शनिवार को बताया कि अविनाश की हत्या में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मधुबनी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अविनाश झा की गला घोंटकर हत्या की गई है। पोस्टमॉर्टम में इसका खुलासा हुआ। शव की पहचान परिवार के सदस्यों ने उसकी एक अंगुली में अंगूठी, पैर में तिल और लाल शर्ट के जले हुए अवशेषों के आधार पर की, जिसे उसने नौ नवंबर को पहना था।

दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि उसकी कहीं और हत्या कर दी गई और अपराधियों ने उसके शरीर को वहीं जला दिया क्योंकि घास और झाड़ियां भी जल चुकी थीं। अधिकारी ने कहा कि एक निजी क्लिनिक चलाने वाले सहित दो लोगों को शनिवार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। अधिकारी के मुताबिक 'प्रथम दृष्टया हमें संदेह है कि झा की हत्या उनकी आरटीआई गतिविधियों के कारण की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप बेनीपट्टी में कई निजी क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।


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