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मुजफ्फरपुर छात्रावास से संचालित होता है अपराध और शराब तस्करी का सिंडिकेट सक्रिय रहते हैं माफिया


मुजफ्फरपुर, जासं। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी छात्रावासों में वर्षों से बिना अनुमति कई युवकों ने अपना बसेरा बना रखा है। ये विवि के अधिकारियों की नहीं सुनते। विवि प्रशासन की ओर से कई बार इन्हें हटाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन इन्होंने पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। कार्रवाई करने पर धमकी भी दी गई। एलएस कालेज में राजवद्र्धन की हत्या के बाद कालेज और विवि प्रशासन ने छात्रावासों पर सख्ती की। जिला प्रशासन और पुलिस को छात्रावास में अधिकृत रूप से रह रहे छात्रों की सूची उपलब्ध कराई गई। पुलिस की ओर से की गई छापेमारी में हर बार चार-पांच युवकों को बिना कमरा आवंटन रहते पाया गया। युवकों ने पूछने पर बताया कि दोस्त से मिलने आए थे, जबकि उनके कमरे के पीछे से शराब के खाली कार्टन और रैपर मिले। बताया जा रहा है कि शहर में हुए कई घटनाओं को अंजाम देने में संलिप्त युवकों का भी छात्रावास में जमावड़ा होता है। यहां से शराब बिक्री का सिंडिकेट भी संचालित होता है। कोरोना काल में विवि और छात्रावास बंद थे। उस समय में भी दर्जनों की संख्या में युवक यहां रहते थे। विवि प्रशासन की ओर से कहा गया कि ये मनमाने तरीके से रहते हैं।

होमलेस चौक पर सक्रिय रहते हैं युवक

युवकों का पूरा गिरोह शराब तस्करी के समय आसपास के इलाकों में सक्रिय रहता है। सूचना है कि होमलेस चौक के पास युवक सक्रिय रहते हैं। पुलिस की गतिविधि देख ये छात्रावास में अन्य साथियों को सूचना देते हैं। ऐसे में पुलिस के पहुंचने से पूर्व वे फरार हो जाते हैं। इस बार देर रात पुलिस की छापेमारी में इनका नेटवर्क मात खा गया।







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